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ANN Hindi

रायपुर: डिजिटल पारदर्शिता से स्वच्छता हुई स्मार्ट

 

SBM-U के अंतर्गत डिजिटल गवर्नेंस से छत्तीसगढ़ के रायपुर में मिली शहरी स्वच्छता को नई दिशा

देश में अग्रणी और मध्य भारत का पहला ‘UPYOG-FSSM’ डैशबोर्ड प्रोटोटाइप अपनाने वाला शहर

स्वच्छ भारत मिशन की सफलता और इसकी गौरवशाली यात्रा में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर ने एक और प्रभावी कदम बढ़ा दिया है। यहां रायपुर नगर निगम द्वारा शहर की स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं को मजबूत बनाने के उद्देश्य से डिजिटल फीकल स्लज मैनेजमेंट सिस्टम (Digital Faecal Sludge Management System – FSM) डैशबोर्ड प्रोटोटाइप का शुभारंभ किया गया है। यह अभिनव पहल आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA), नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (NIUA) और राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन (NUDM) के UPYOG (Urban Platform for DeliverY of Online Governance) प्लेटफॉर्म पर आधारित है।

मध्य भारत का पहला और देश का अग्रणी मॉडल : विशेष बात यह है कि रायपुर नगर निगम अब मध्य भारत का पहला और देश का ऐसा अग्रणी मॉडल अपनाने वाला शहरी स्थानीय निकाय (ULB) बन गया है, जिसने स्वच्छ भारत मिशन – शहरी (SBM-U) 2.0 के अंतर्गत इस तरह के आधुनिक डिजिटल ढांचे को अपनाया है। इस सिस्टम को UNICEF और Entit Consultancy Services के तकनीकी सहयोग से तैयार किया गया है

 

नागरिकों के लिए सुगम और पारदर्शी सेवाएं : इस डिजिटल प्रणाली से डी-स्लजिंग (सेप्टिक टैंक क्लीनिंग) सेवाएं सरल और पारदर्शी हो गई हैं, जिससे अब नगर निगम कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। ‘वन-क्लिक बुकिंग’ और सिंगल पेज फॉर्म के जरिए मोबाइल नंबर या प्रॉपर्टी आईडी डालते ही एड्रेस स्वतः लोकेट हो जाता है। साथ ही, ‘ऑनलाइन भुगतान’ ने पूरी प्रक्रिया को तेज और भ्रष्टाचार मुक्त बनाया है, जबकि ‘ऑटोमेटेड अप्रूवल सिस्टम’ ने आवेदन के बाद प्रतीक्षा के समय को न्यूनतम कर दिया है।

 

सटीक ट्रैकिंग और स्मार्ट प्लानिंग : यह सिस्टम नागरिक और प्रबंधन दोनों के लिए प्रभावशाली है, जो ‘रियल-टाइम वेरिफिकेशन’ और ‘एक आवेदन पर एक ट्रिप’ के जरिए सटीक प्लानिंग सुनिश्चित करता है। ड्राइवर द्वारा फोटो अपलोड करने से कार्य का वास्तविक सत्यापन होता है और डैशबोर्ड से संसाधनों का इष्टतम उपयोग व वाहनों की बेहतर मॉनिटरिंग संभव होती है। इस प्रणाली की डेटा-आधारित निर्णय क्षमता भविष्य की स्मार्ट प्लानिंग और नागरिक हितैषी कार्ययोजनाएं बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

सफाईमित्रों की सुरक्षा और जवाबदेही : इस डिजिटल इनोवेशन का एक प्रमुख उद्देश्य सफाईमित्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। मिशन के तहत ‘मैनहोल से मशीनहोल’ की दिशा में कदम बढ़ाकर मैनुअल सीवेज सफाई को मशीनीकृत सफाई में परिवर्तित किया जा रहा है। डिजिटल निगरानी की सुविधा होने से यह भी सुनिश्चित किया जा सकेगा कि पूरी प्रक्रिया सुरक्षित मानकों के साथ पूरी की जाए, जिससे मानवीय जोखिम कम होगा। इतना ही नहीं, पारदर्शिता बढ़ने से नागरिकों और नगर निगम के बीच विश्वास का रिश्ता और अधिक मजबूत हो सकेगा।

SBM-U 2.0 के तहत रायपुर शहर की यह उपलब्धि प्रमाणित करती है कि सरकार, प्रशासन और नागरिकों संयुक्त संकल्प सहित तकनीकी विशेषज्ञता के संगम से शहरी जीवनशैली को अधिक सुगम बनाया जा सकता है। UPYOG-FSSM मॉडल प्लेटफॉर्म न केवल पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करता है, बल्कि डेटा-आधारित गवर्नेंस के जरिए रायपुर को स्वच्छता के वैश्विक मानकों पर स्थापित करने का भी काम करेगा।

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