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सुशासन सप्ताह के अंतर्गत ‘प्रशासन गांव की ओर’ 2025 अभियान 25 दिसंबर को सफलतापूर्वक पूरा हुआ

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 9 दिसंबर 2025 को सुशासन सप्ताह के संबंध में अपना प्रेरणादायक संदेश जारी किया था, जिसमें उन्होंने कहा, सुशासन सप्ताह 2025 के अवसर पर आइए हम शासन को जन-केंद्रितसुगमसमावेशी एवं भविष्य के लिए तैयार बनाने के अपने संकल्प की पुष्टि करेंताकि इसे 2047 तक एक विकसित भारत के लिए एक सच्चा जन आंदोलन बनाया जा सके। इस संदेश से प्रेरित होकर, प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग ने 19 दिसंबर 2025 से 25 दिसंबर 2025 की अवधि के दौरान एक अत्यंत सफल सुशासन सप्ताह 2025 का आयोजन किया।

सुशासन सप्ताह का आयोजन सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जिला एवं तहसील स्तर पर किया गया। इन कार्यक्रमों में सेवा प्रदान करने की प्रक्रिया में सुधार लाने के लिए आवेदन निपटान, सीपीजीआरएएमएस और राज्य पोर्टलों पर जन शिकायतों का निवारण, विशेष शिविरों का आयोजन, जन शिकायतों के निपटान पर सफलता को साझा करना एवं समर्पित पोर्टल पर सर्वोत्तम शासन प्रथाओं को अपडेट करना शामिल था। सुशासन सप्ताह में पूरे देश में अत्यधिक भागीदारी देखी गई।

कार्यक्रम के अंतर्गत, दिनांक 25.12.2025 को नई दिल्ली स्थित सीएसओआई में एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ सुश्री रचना शाह, सचिव, डीओपीटी, डीएआरपीजी एवं डीपीपीडब्ल्यू के स्वागत भाषण से हुआ, जिसमें उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर मनाए जाने वाले सुशासन दिवस पर प्रकाश डाला। उन्होंने नागरिक-केंद्रित शासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही की उनकी अमिट विरासत का उल्लेख किया।

राष्ट्रीय कार्यशाला की अध्यक्षता कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने की। उन्होंने 3 रिपोर्ट/संकलन जारी किया और मंत्रालय की 4 ई-गवर्नेंस पहलों की शुरुआत भी की। इनमें निम्न शामिल हैं:

  • विशेष अभियान 5.0 की उपलब्धियों पर मूल्यांकन रिपोर्ट
  • सीपीजीआरएएमएस की वार्षिक रिपोर्ट में समय पर एवं गुणवत्ता पूर्ण शिकायत निवारण के लिए डीएआरपीजी की पहलों, समावेशिता, आउटरीच एवं शिकायत निवारण अधिकारियों के प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण की कोशिशों को दर्शाया गया है।
  • पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण संबंधी दिशा-निर्देशों का संकलन, जो सभी प्रासंगिक निर्देशों को एक ही अद्यतन संदर्भ में समेकित करता है, जिससे राष्ट्र की सेवा करने के बाद नागरिक जीवन में संक्रमण करने वालों के लिए स्पष्टता, एकसमान कार्यान्वयन और गरिमा सुनिश्चित होती है।
  • एआई-संचालित भर्ती नियम जनरेटर टूल निर्देशित इनपुट एवं स्वचालित ड्राफ्टिंग के माध्यम से भर्ती नियमों के निर्माण को सरल बनाता है, देरी में कमी लाता है और सुसंगतता में सुधार करता है।
  • मिशन कर्मयोगी के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में ई-एचआरएमएस 2.0 मोबाइल एप्लिकेशन का उद्देश्य आवश्यक मानव संसाधन सेवाओं को सीधे कर्मचारियों के मोबाइल उपकरणों तक पहुंचाना, कागजी कार्रवाई में कमी लाना, पारदर्शिता में सुधार करना और तेजी से निर्णय लेने में सक्षम बनाना है।
  • आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल पर एआई-सक्षम नई सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनमें एआई सारथी, एआई ट्यूटर, संरचित विशेषज्ञता कार्यक्रम एवं क्षमता-निर्माण योजना उपकरण शामिल हैं।
  • कर्मयोगी डिजिटल लर्निंग लैब 2.0 डिजिटल सामग्री निर्माण करता है, जो एआर, वीआर, सिमुलेशन, गेमिफिकेशन का उपयोग करके उच्च गुणवत्ता वाले ई-लर्निंग मॉड्यूल के विकास को सक्षम बनाता है और सिविल सेवाओं में सर्वोत्तम प्रथाओं के तीव्र प्रसार को सुनिश्चित करता है।

सुशासन सप्ताह 2025 की प्रमुख उपलब्धियाँ, जो पूरे देश में सक्रिय भागीदारी दर्शाती हैं, इस प्रकार हैं:

  1. सेवा वितरण के अंतर्गत निपटाए गए आवेदनों की संख्या – 3,13,64,909
  2.  राज्य शिकायत पोर्टल में निवारण शिकायतों की संख्या – 41,68,023
  3. सीपीजीआरएएमएस में निवारण की गई शिकायतों की संख्या – 3,53,607
  4. जिले में आयोजित कार्यशालाओं/शिविरों की संख्या – 57,184
  5. निष्पादित सर्वोत्तम सुशासन प्रथाओं की संख्या – 770
  6. सार्वजनिक शिकायतों की सफलता – 596
  7. 254 जिलों द्वारा प्रस्तुत जिला@100 के लिए विजन दस्तावेज

राज्यों एवं जिलों द्वारा प्रस्तुत कुछ बेहतरीन सुशासन प्रथाओं का व्यापक प्रसार करने के लिए अभिनव पहल पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।

 

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