ANN Hindi

आयुष मंत्रालय कल चेन्नई में 9वें सिद्ध दिवस समारोह का उद्घाटन करेगा; राष्ट्रीय सिद्ध दिवस 6 जनवरी को मनाया जाएगा

भारत सरकार का आयुष मंत्रालय, राष्ट्रीय सिद्ध संस्थान (एनआईएस) और केंद्रीय सिद्ध अनुसंधान परिषद (सीसीआरएस) के सहयोग से, साथ ही तमिलनाडु सरकार के भारतीय चिकित्सा और होम्योपैथी निदेशालय के साथ मिलकर, 3 जनवरी 2026 को चेन्नई के कलाइवनार अरंगम में 9वां सिद्ध दिवस मनाएगा। “वैश्विक स्वास्थ्य के लिए सिद्ध” विषय पर आधारित यह समारोह, सिद्ध चिकित्सा के जनक माने जाने वाले ऋषि अगस्त्य की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रतिवर्ष 6 जनवरी को सिद्ध दिवस मनाया जाता है।

भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन नौवें सिद्ध दिवस समारोह की अध्यक्षता और उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम में आयुष मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव, तमिलनाडु सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री मा. सुब्रमणियन, आयुष मंत्रालय के सचिव पद्म श्री वैद्य राजेश कोटेचा, तमिलनाडु सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रधान सचिव डॉ. पी. सेंथिल कुमार और भारतीय चिकित्सा एवं होम्योपैथी निदेशालय की निदेशक श्रीमती एम. विजयलक्ष्मी उपस्थित रहेंगी। 

इस समारोह में तमिलनाडु और अन्य राज्यों के सिद्ध चिकित्सक, वैज्ञानिक, शिक्षाविद, विद्वान और छात्र एक साथ आएंगे। सिद्ध वैधानिक निकायों के वरिष्ठ सदस्य, एनआईएस और सीसीआरएस के शोधकर्ता, साथ ही आयुष मंत्रालय और तमिलनाडु सरकार के अधिकारी भी इसमें भाग लेंगे। चेन्नई और पलायमकोट्टई के सरकारी सिद्ध मेडिकल कॉलेजों और तमिलनाडु और केरल के स्व-वित्तपोषित सिद्ध कॉलेजों के स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट छात्रों की भी बड़ी संख्या में उपस्थिति की उम्मीद है।

इस अवसर पर, आयुष मंत्रालय सिद्ध चिकित्सा पद्धति में असाधारण और सराहनीय योगदान देने वाले पांच प्रतिष्ठित व्यक्तियों को सम्मानित करेगा।

नौवें सिद्ध दिवस के अवसर पर निवारक स्वास्थ्य, अनुसंधान और वैश्विक कल्याण में सिद्ध चिकित्सा के योगदान को प्रदर्शित किया जाएगा। इसका उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना और स्वास्थ्य सेवा वितरण, अनुसंधान सहयोग और शैक्षणिक उन्नति में सिद्ध चिकित्सा की भूमिका को मजबूत करने के लिए सरकार के निरंतर प्रयासों की पुष्टि करना है। यह आयोजन आयुष मंत्रालय की भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को राष्ट्रीय और वैश्विक स्वास्थ्य ढांचों में बढ़ावा देने, नवाचार को मजबूत करने और सिद्ध चिकित्सा को व्यापक अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। 

Share News Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!