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एक सप्ताह से अधिक समय से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद जकार्ता की सड़कें छुट्टियों के दिन भी शांत रहीं

इंडोनेशियाई संसद भवन के बाहर एक विरोध प्रदर्शन के दौरान फूल और पंखुड़ियाँ रखी गईं। सांसदों के अतिरिक्त वेतन और आवास भत्ते को लेकर व्यापक विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की रिहाई की मांग की जा रही है। यह विरोध प्रदर्शन तब और बढ़ गया जब एक पुलिस बख्तरबंद वाहन ने एक मोटरसाइकिल चालक को टक्कर मार दी जिससे उसकी मौत हो गई। यह विरोध प्रदर्शन 4 सितंबर, 2025 को इंडोनेशिया के जकार्ता में हुआ था। REUTERS

जकार्ता, 5 सितम्बर (रायटर) – एक सप्ताह से अधिक समय तक हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद शुक्रवार की सुबह इंडोनेशिया की राजधानी की सड़कें शांत थीं, क्योंकि मुस्लिम बहुल देश ने पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिन के उपलक्ष्य में अवकाश मनाया।
पिछले हफ़्ते छात्रों, मज़दूरों और अधिकार समूहों के नेतृत्व में भीड़ सांसदों के आवास भत्ते के विरोध में जकार्ता की सड़कों पर उतर आई। एक रैली में पुलिस की गाड़ी द्वारा एक मोटरसाइकिल टैक्सी चालक को टक्कर मारने से उसकी मौत के बाद पूरे देश में अशांति फैल गई ।
गुरुवार को छात्र समूहों ने कैबिनेट मंत्रियों से मुलाकात कर सांसदों को मिल रहे भत्ते और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की रणनीति पर अपनी शिकायतें रखीं ।
छात्र प्रतिनिधियों ने सप्ताह के आरंभ में कुछ सांसदों से भी मुलाकात की थी, लेकिन राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांटो के साथ बैठक की उनकी मांग अभी तक सफल नहीं हो पाई है।
अधिकार समूहों का कहना है कि सुरक्षा बलों के साथ झड़पों और अन्य अशांति में 10 लोग मारे गए हैं और 1,000 से अधिक घायल हुए हैं ।
न्यूयॉर्क स्थित मानवाधिकार समूह ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा कि प्राधिकारियों ने विरोध प्रदर्शनों पर राष्ट्रव्यापी कार्रवाई करते हुए 3,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है।

रिपोर्टिंग: बर्नाडेट क्रिस्टीना; संपादन: जॉन मैयर

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