12 अगस्त (रॉयटर्स) – अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस के अनुरोध के बाद यूक्रेन ने रूस के काला सागर बंदरगाह नोवोरोस्सियस्क का उपयोग करने वाले तेल टैंकरों पर ड्रोन हमले रोक दिए हैं। यह जानकारी बुधवार को फाइनेंशियल टाइम्स ने यूक्रेनी अधिकारियों के हवाले से दी। अखबार ने बताया कि पिछले महीने का यह अनुरोध अमेरिकी चिंता के बाद आया था कि यूक्रेन कजाकिस्तान से कैस्पियन पाइपलाइन कंसोर्टियम (सीपीसी) टर्मिनल तक पाइपलाइन के जरिए कच्चे तेल ले जाने वाले टैंकरों को निशाना बनाकर तेल बाजारों को अस्थिर कर रहा है और अमेरिकी कंपनियों को नुकसान पहुंचा रहा है। अखबार ने आगे बताया कि यूक्रेन इस बात पर सहमत हो गया है कि वह सीपीसी के बुनियादी ढांचे या गैर-रूसी जहाजों को तब तक निशाना नहीं बनाएगा जब तक कि वे यूक्रेनी प्रतिबंधों के अधीन न हों और रूसी तेल या माल न ले जा रहे हों। व्हाइट हाउस, विदेश विभाग और वैंस के कार्यालय ने व्यावसायिक घंटों के बाद रॉयटर्स के टिप्पणी के अनुरोधों का तुरंत जवाब नहीं दिया। रॉयटर्स इस रिपोर्ट की तुरंत पुष्टि नहीं कर सका। यूक्रेनी सेना ने हाल ही में रूसी ऊर्जा अवसंरचना और अन्य स्थलों पर हमले तेज कर दिए हैं। कीव का कहना है कि इस प्रयास का उद्देश्य रूस को अपने सैन्य वित्तपोषण के लिए संसाधनों से वंचित करना है। आंकड़ों से परिचित चार सूत्रों के अनुसार, जुलाई में काला सागर में ड्रोन हमलों के कारण सीपीसी तेल लोडिंग का लगभग पांचवां हिस्सा नष्ट हो गया, क्योंकि रूस-यूक्रेन युद्ध का असर कजाकिस्तान और पश्चिमी तेल कंपनियों की बिक्री पर भी पड़ा। सूत्रों ने बताया कि कच्चे तेल के निर्यात के लिए सीपीसी मार्ग पर निर्भर कजाकिस्तान में जुलाई में जून की तुलना में तेल उत्पादन में 14% की गिरावट आई। शेवरॉन (CVX.N) और एक्सॉन मोबिल (XOM.N) वहां परिचालन करने वाली प्रमुख पश्चिमी तेल कंपनियों में से हैं।
बेंगलुरु से अनुषा शाह की रिपोर्ट; संपादन: क्रिश्चियन श्मोलिंगर और क्लेरेंस फर्नांडीज।









