प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने यह संस्कृत सुभाषितम् साझा किया है-
“प्रभया हि विना यद्वद् भानुरेष न विद्यते।
प्रभा च भानुना तेन सुतरां तदुपाश्रया॥”
इस सुभाषितम् में बताया गया है कि जैसे सूर्य को उसके प्रकाश के बिना नहीं महसूस किया जा सकता, वैसे ही सूर्य के बिना प्रकाश भी नहीं हो सकता। इस प्रकार, सूर्य और उसके प्रकाश का पूरा अस्तित्व और शक्ति पूरी तरह से एक-दूसरे पर निर्भर हैं।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा है-
प्रभया हि विना यद्वद् भानुरेष न विद्यते।
प्रभा च भानुना तेन सुतरां तदुपाश्रया॥









