प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन और विरासत पर एक संपादकीय लेख के माध्यम से शिक्षाविद, कुलपति, मंत्री और राजनेता के रूप में उनके बहुआयामी योगदान पर चर्चा की है। इस लेख में श्री मोदी ने भारत की एकता और राष्ट्रीय अखंडता को मजबूत करने की दिशा में डॉ. मुखर्जी के अद्वितीय प्रयासों पर प्रकाश डाला है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2019 में अनुच्छेद 370 और 35(ए) को निरस्त किया जाना राष्ट्रीय एकता और अखंडता के लिए डॉ. मुखर्जी के आजीवन समर्पण के लिए एक समुचित श्रद्धांजलि थी।
प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया:
मैंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन पर एक संपादकीय लेख लिखा है, जिसमें कुलपति, मंत्री, राजनीतिक नेता के रूप में उनकी विविध उपलब्धियों पर प्रकाश डाला है। भारत की एकता को बढ़ावा देने में उनके अद्वितीय प्रयासों को रेखांकित किया है। 2019 में अनुच्छेद 370 और 35(ए) को निरस्त किया जाना उनके प्रयासों के लिए एक समुचित श्रद्धांजलि थी।









