मंत्रालय/विभाग अभिनव पहल कर रहे हैं: इंडिया पोस्ट द्वारा डिजी पोस्ट, ई-कचरा संग्रहण अभियान, कचरे से धन उत्पन्न करने वाली कलाकृतियाँ और शिकायत निवारण सहायता केंद्र।
प्रमुख मंत्रालय/विभाग अपने संबद्ध, अधीनस्थ और क्षेत्रीय कार्यालयों में एक दिवसीय विशेष अभियान चला रहे हैं।
अभियान का व्यापक प्रचार सोशल मीडिया और पीआईबी के बयानों के माध्यम से किया जा रहा है; विशेष अभियान 6 को लोकप्रियता मिल रही है।
सरकार द्वारा प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग को नोडल विभाग बनाकर शुरू किए गए विशेष अभियान 6 ने महत्वपूर्ण गति पकड़ी है। 30 सितंबर 2026 को तैयारी चरण के सफल समापन के बाद, कार्यान्वयन चरण 2 अक्टूबर 2026 से शुरू हुआ और 31 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा। कार्यान्वयन के पहले दो हफ्तों में, सरकार के सभी मंत्रालयों/विभागों ने स्वच्छता के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने और लंबित मामलों के निपटान के लिए नवोन्मेषी, नागरिक-केंद्रित और टिकाऊ पहल करते हुए उल्लेखनीय उत्साह दिखाया है।
स्वच्छता और लंबित मामलों के निपटान के लिए विशेष अभियान 6 के नोडल अधिकारियों के साथ तीसरी बैठक डीएआरपीजी की सचिव श्रीमती निवेदिता शुक्ला वर्मा की अध्यक्षता में अभियान के कार्यान्वयन चरण की प्रगति की समीक्षा करने के लिए आयोजित की गई थी।
इस बैठक में 240 से अधिक स्थानों से 600 से अधिक अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया, जो 84 मंत्रालयों/विभागों, उनके सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और क्षेत्रीय कार्यालयों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। बैठक के दौरान, डीएआरपीजी के अतिरिक्त सचिव श्री पुनीत यादव ने चल रहे अभियान की प्रगति प्रस्तुत की और मंत्रालयों/विभागों द्वारा की गई अभिनव पहलों पर प्रकाश डाला।
इस वर्ष के अभियान की एक नई विशेषता समर्पित एक दिवसीय अभियान है, जिसके तहत प्रमुख मंत्रालय/विभाग अपने सभी संबद्ध और अधीनस्थ कार्यालयों और क्षेत्रीय प्रतिष्ठानों में एक ही दिन स्वच्छता और निपटान गतिविधियों को अंजाम देते हैं। समर्पित एक दिवसीय गतिविधि का प्रभाव विशेष अभियान 6 की व्यापक पहुंच में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों/विभागों के क्षेत्रीय कार्यालय अभियान गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।
नवाचारी पहल: मंत्रालयों/विभागों ने नियमित सफाई से आगे बढ़कर अभियान के दौरान कई नवाचारी और नागरिक-केंद्रित पहलें की हैं। इनमें से कुछ इस प्रकार हैं:
नागरिक-केंद्रित सेवाएं: डाक विभाग ने डिजीपोस्ट पहल शुरू की है, जो एक अनूठी भौतिक-डिजिटल डाक सेवा है जिसके तहत गुजरात पुलिस द्वारा जारी किए गए यातायात ई-चालान डिजिटल रूप से भेजे जाते हैं और नागरिकों को भौतिक रूप से वितरित किए जाते हैं। रक्षा विभाग ने शिकायत निवारण के लिए ई-छावनी हेल्पडेस्क की स्थापना की, जबकि रेल मंत्रालय ने रेल जन युवा संवाद का आयोजन किया ताकि युवाओं, छात्रों और यात्रियों को रेलवे से संबंधित मुद्दों और जनभागीदारी से जोड़ा जा सके।
ई-कचरा प्रबंधन: कोयला मंत्रालय ने एमसीएल मुख्यालय में एक ई-कचरा कियोस्क स्थापित किया और अपने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में ई-कचरा संग्रहण अभियान चलाया। खान मंत्रालय ने ‘कम करें, पुनः उपयोग करें और पुनर्चक्रण करें’ नीति के तहत बेकार इलेक्ट्रॉनिक और विद्युत उपकरणों के जिम्मेदार निपटान को प्रोत्साहित करने के लिए जीपीओए-3 भवन में एक ई-कचरा संग्रहण स्टॉल लगाया। शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत, पुराने ई-कचरे को अलग करके तृतीय स्तरीय शिक्षा संस्थान (आईआईटी इलाहाबाद) में निपटान के लिए एकत्र किया गया और विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने एक ई-कचरा संग्रहण अभियान का आयोजन किया।
कचरे से धन: बेकार पड़ी सामग्री को कलाकृतियों और उपयोगी उत्पादों में बदला जा रहा है। संस्कृति मंत्रालय ने बेकार प्लास्टिक के चम्मचों और कागज से मोर की मूर्ति बनाई, और बेकार कंप्यूटर पुर्जों और घरेलू कचरे से री-बॉट नामक रोबोट की मूर्ति तैयार की। रेल मंत्रालय ने रेल संग्रहालय में ‘कचरे से कला’ पार्क विकसित किया, और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने बेकार ई-कचरे से एक चलता हुआ चरखा बनाया।
अभिलेख, समावेशिता और स्वच्छता: वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग ने अप्रचलित अभिलेखों को नष्ट करने और छांटने का कार्य किया। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीन नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड ने प्रश्नोत्तरी आधारित स्वच्छता जागरूकता सत्र के बाद श्रमिकों को स्वच्छता किट वितरित कीं, और गृह मंत्रालय के अधीन असम राइफल्स ने सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से अपशिष्ट पृथक्करण और स्वच्छता को बढ़ावा दिया।
इस अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के माध्यम से भी किया जा रहा है, जिसमें मंत्रालय/विभाग नियमित रूप से #SpecialCampaign6 के तहत सोशल मीडिया पर अपनी गतिविधियों को साझा कर रहे हैं और पीआईबी बयान जारी कर रहे हैं।

